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फेमस टीवी शो एंकर को हुयी उम्रकैद की सजा पत्नी की हत्या का दोषी

फेमस टीवी शो एंकर को हुयी उम्रकैद की सजा पत्नी की हत्या का दोषी

फेमस टीवी शो एंकर को हुयी उम्रकैद की सजा पत्नी की हत्या का दोषी

टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय और चर्चित शो इंडिया मोस्ट वांटेड के एंकर सुहैब इलियासी को आज दिल्ली के कड़कडडूमा कोर्ट ने अपनी पत्नी अंजू इलयानी की हत्या के मामले में 17 साल बाद आज उम्र कैद की सजा सुनाई गई है.

आपको बता दे की 11 जनवरी 2000 को सुहैब इलयासी के घर उनकी पत्नी का संदिग्ध हालत में मौत हो गयी थी. शुरू में तो इस मौत को आत्महत्या की तरह दिखाने की कोसिस किया गया लेकिन बाद में ये आरोप सुहैब पर लगा और 28 मार्च  2000 को हुसैद को गिरफ्तार कर लिया गया. हालाकि उस समय सुहैब पर सिर्फ दहेज़ प्रताड़ना का केस दर्ज किया गया था. जिससे उसे जमानत मिल गया. लेकिन 2014 में अपनी बेटी अंजू इलियानी को इसाफ़ दिलाने के लिए उसके माता पिता ने कोर्ट में ये याचिका दायर किया की उनकी बेटी अंजू इलयानी की मौत आत्महत्या नही बल्कि हत्या थी. उसके बाद कोर्ट ने तथ्यों को देखते हुए सुहैब पर हत्या का केस चलाने के आदेश दिया जिससे उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने अपनी तफतीस एक नए शिरे से शुरू की जिसमे जिसमे पुलिस ने पाया की सुहैद ने ही अपनी पत्नी की हत्या की थी. पुलिस की जाँच में सामने आया की हत्या कैंची से की गयी थी तथा वास्रुम में खून के निशान भी मिले. यंहा तक की पोस्टमार्टम करने वाले 5 डाक्टरों ने भी हत्या की आशंका जताई थी. तथा ये बात भी सामने आई की सुहैब अंजू को दहेज़ के लिए मारपीट करता था और अक्सर दोनों के बिच झगडा होता रहता था.

1998 में अपना क्राइम शो शुरू करने के बाद सुहैब टेलीविजन की दुनिया का चर्चित चेहरा बन गया. देखते ही देखते सुहैब इलियासी का नाम इस शो के जरिए फेमस हो गया. लेकिन 17 साल पहले किए गए एक अपराध ने उससे उसका सारा स्टारडम छीन लिया. 11 जनवरी 2000 को सुहेब की पत्नी अंजू इलियासी की रहस्यमयी हालत में मौत हो गई थी.

सुहैब अपने टीवी शो में देश के सबसे खतरनाक अपराधियों और उनके अपराध करने के तरीके के बारे में अपने टीवी शो में करते थे इसी टीवी शो से प्रेरणा लेकर उसने अपनी पत्नी की हत्या करने का प्लान किया. और इस हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोसिस की लेकन कानून की पैनी नजर से कोई नहीं बच सकता है.

उससे पहले सुहैब ने कहा, ‘मैं बेकसूर हूं. मैं ऊपरी अदालत में इस आदेश के खिलाफ अपील करुंगा. हाईकोर्ट में सारे सबूत ले कर जाऊंगा.’

उसने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि वहां मुझे न्याय मिलेगा. मेरे खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है.’ उसके वकील ने कहा कि ये पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है. इसका कोई चश्मदीद गवाह नहीं है. लिहाज़ा इस मामले को दुर्लभ की श्रेणी मे नहीं रखा जा सकता. इसके अलावा इस मामले में बर्बरता या सुनियोजित साजिश नहीं की गई है.

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rupendrasahu1616

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