महिला को फोन कर प्रताड़ित करने के मामले पर कथित मीडियाकर्मी कमलेश रजक का हुआ बयान दर्ज..

महिला को फोन कर प्रताड़ित करने के मामले पर कथित मीडियाकर्मी कमलेश रजक का हुआ बयान दर्ज..

बिलासपुर- शहर के लोधीपारा सरकंडा में बहू द्वारा सास को जलाकर मारने वाले मामले से संबंधित मृतिका की बेटी को लगातार फोन कर प्रताड़ित करने के आरोप में कमलेश रजक का बयान सोमवार को दर्ज किया गया.. मृतिका बेगम कौशिक की बेटी नंदनी कौशिक ने कुछ दिनों पूर्व बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के सामने पेश होकर लिखित शिकायत के माध्यम से कथित मीडिया कर्मी कमलेश रजक द्वारा दिन रात फोन करके मानसिक प्रताड़ना व माँ की हत्या के मामले पर षड्यंत्र रचकर आरोपी ललिता कौशिक को अपराध से बचाने का आरोप लगाया था..

नंदनी कौशिक ने पहले भी अपने आवेदन में भाभी पर हत्या के मामले में खुदको को फंसता हुआ देखकर जांच अधिकारी और मीडियाकर्मियों को झूठे मामले में फंसाने के चक्कर में षड्यंत्र रचकर आवेदन दिया था.. उसके साथ कुछ आपराधिक तत्व के लोग भी षड्यंत्र में शामिल थे।

पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत होकर नंदनी कौशिक ने कहा था कि.. पिछले कुछ दिनों से उसके मोबाइल पर कमलेश रजक नामक व्यक्ति का लगातार फोन आ रहा है.. फोन करने वाला शख़्स खुद को पत्रकार बताकर दिन रात उसको परेशान कर रहा है.. साथ ही नंदनी ने अपने आवेदन में पुलिस अधीक्षक को अंदेशा जताया है कि माँ की हत्या के मामले पर जांच के विषय को भटकाने के लिए कमलेश रजक और कुछ अन्य लोगों की भूमिका संदिग्ध है। बता दें कि 19 सितंबर 2019 की शाम मृतिका बेगम कौशिक और उसकी बहू ललिता कौशिक के बीच मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर जोरदार विवाद हुआ था जिसके बाद विवाद के दौरान ललिता ने सास पर मिट्टी तेल उढेल कर आग लगा दिया था। जिसके बाद आसपास के लोगों की सहायता से बेगम कौशिक को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था.. जहां पर मरणासन्न में बेगम ने मीडियाकर्मी स्व. अखिलेश डहरिया को कैमरे पर बताया था कि उसकी बहू के द्वारा उसे आग लगाकर मारने की कोशिश की थी। कुछ दिनों बाद मृतिका की बेटी नंदनी कौशिक को पास के रहवासी चौबे के ज़रिए पता चला कि उसकी मां ने मरने से पहले मीडिया कर्मी के सामने कैमरे पर बयान दिया था जिसके बाद नंदनी ने 2 नवंबर को अखिलेश से वीडियो की सी.डी लेकर 4 नवंबर को एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन के साथ न्याय के लिए गुहार लगाई थी।पुलिस अधीक्षक ने मामले में संज्ञान लेते हुए सरकंडा थाने में पदस्थ ए.एस.आई गायत्री सिन्हा को जांच अधिकारी नियुक्त किया था..

पत्रकारों और जांच अधिकारी को फंसाने वाला आरोप निकला निराधार..

सत्य को हमेशा संघर्ष करना पड़ता है.. समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकारों और समाज मे कानून व्यवस्था स्थापित करने वाली पुलिस पर खड़े मुहं इल्जाम लगाना सबसे आसान होता है.. ऐसा ही कुछ लोगों के साथ मिलकर अपनी सास की हत्या आरोप में फंसी ललिता कौशिक ने किया था।जहां पर मरणासन्न में बेगम कौशिक द्वारा कैमरे में बताया गया था कि.. विवाद के बाद उसकी बहु ने उस पर मिट्टी तेल उढेल कर आग लगा दिया था.. मामले में सिर्फ वीडियो की पुष्टि के लिए पत्रकार को बुलाया गया था उस पर पत्रकारों ने सरकंडा पहुंचकर अपना बयान दिया था। लेकिन थाने के आस पास टुकड़ो की लालच में सियार की तरह घात लगाकर कमाई करने वाले लोगों के साथ मिलकर हत्या की आरोपी ललिता ने षड्यंत्र पूर्वक शिकायत पत्र तैयार कर सियारों के साथ जाकर पुलिस अधीक्षक को दिया था। हत्या की आरोपी द्वारा दिये गए शिकायत पर सघन जांच की आग के बाद सोने से कुंदन तरह खरा उतरे पत्रकारों और जांच अधिकारी को क्लीन चिट दे दिया गया।

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