व्यापार विहार स्थित एक तेल व्यापारी खेल रहा मिलावट का खेल, आप हो जाएं सावधान

व्यापार विहार स्थित एक तेल व्यापारी खेल रहा मिलावट का खेल, आप हो जाएं सावधान

संतोष साहू

बिलासपुर – एक तरफ देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है आम जनता की जान बचाने के लिए शासन ,प्रशासन व डॉक्टर की टीम 24 घंटे सेवा दे रहे हैं। लेकिन कुछ तेल व्यापारियों को आम जनता की जान से कोई सरोकार नहीं है इसलिए वह एक सस्ते ब्रांड की पाम ऑयल को दूसरे ब्रांड के पाम ऑयल में खुलेआम मिलावट कर आम जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। मार्च माह में होली पर्व के पूर्व और वर्तमान समय में तेल कि किमत पर 100 रुपय प्रत्येक टीपा में वृद्धि देखने को मिला है। शायद यही कारण है कि तेल व्यापारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच पर तेल में खुलेआम मिलावट कर रहे हैं और उन्हें किसी शासन-प्रशासन का भय तक नहीं रहा है। व्यापार विहार में हो रहे मिलावट के खेल की जानकारी शायद शासन प्रशासन को भी नहीं है।
शहर में स्थित व्यापार विहार एक ऐसा स्थान है जहां लगभग सभी खाद्य सामग्री थोक व चिल्लर पर उपलब्ध हो जाते हैं। शहर से लेकर छोटे गांव तक सभी वर्ग के व्यापारी यहां से खाद्य सामग्री ले जाकर विक्रय करते हैं। दैनिक खाद्य सामग्री के उपयोग में आने वाले सूची में खाद्य तेल भी प्रमुख है। इसके कीमत में होने वाली वृद्धि पर बात करें तो 100 रुपए प्रति तेल के टीपा में हुई है। इस तरह से खाद्य सामग्री की कीमतों में होने वाली वृद्धि जमाखोरी व कालाबाजारी से इनकार नहीं किया जा सकता है। तेल व्यापारी ज्यादा मुनाफे की चाह में इतने ज्यादा अंधे हो चुके हैं कि उन्हें आम जनता की स्वास्थ्य से कोई सरोकार नहीं रहा है
जिसका ताजा उदाहरण व्यापार विहार मेन रोड पर स्थित एक तेल व्यापारी के यहां देखा गया है। व्यापारी के इशारों पर एक व्यक्ति द्वारा पाम ऑयल पर खुलेआम मिलावट करते देखा गया है। जिसका वीडियो भी इन दिनों खूब वायरल हो रहा है।

यह तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति रॉक गोल्ड कंपनी की पाम आयल पर अमृत ब्रांड की पाम ऑयल मिलाते नजर आ रहा है आपको बतला दे की यह एक व्यापारी के इशारे पर उसके दुकान पर मिलावट का खेल चल रहा है। यह मिलावट एक तेल का टीपा में नहीं बल्कि दर्जनों तेल के टीपा में करते नजर आ रहा है तेल पर मिलावट करने के पहले वह व्यक्ति आधे भरे तेल के टीपा को तराजू पर रखता है उसके बाद एक निश्चित माप के अनुरूप अमृत नामक ब्रांड के पाम आयल को रॉक गोल्ड कंपनी के पाम आयल के टीपा में मिलावट करते साफ नजर आ रहा है। मिलावट करने के उपरांत वह व्यक्ति उस तेल के टीपा को फिर से पुनः सील कर देता है यह सील इतना जबरदस्त तरीके से किया जाता है कि एक आम आदमी को कभी पता भी नहीं चल पाएगा कि उसके द्वारा लिए गए तेल के टीपा में मिलावट किया गया है। वहीं इस मामले पर मीडिया ने व्यापारी से जानकारी लेना चाहा तब उन्होंने साफ तौर पर कैमरे पर कुछ बोलने से मना ही कर दिया। लेकिन उनके द्वारा ऑफ कैमरे पर यह कहा गया कि पाम ऑयल बाहर से आता है ट्रांसपोर्टिंग दूर से होने के कारण तेल के टीपा पर लीकेज व अन्य कारणों से कम हो जाता है। टीपा में कम हुए तेल को पूरा करने के लिए यहां मिलाया जाता है। व्यापारी के अनुसार पाम आयल में एक ब्रांड का ऑयल दूसरे ब्रांड के पाम ऑयल पर मिलाया जा सकता है। लेकिन यहां पर सोचने वाली बात यह है कि प्रत्येक ब्रांड के तेल की कीमत अलग-अलग निर्धारित रहती है साथ ही उनकी गुणवत्ता में फर्क कीमत के अनुरूप निश्चित ही होती होगी। जिसमे कि जांच का अधिकार व जिम्मा खाद्य विभाग का है यहां पर हम अपने पाठकों को बताना चाहेंगे कि पाम ऑयल का उपयोग ज्यादातर होटलों में समोसा, बड़ा, भजिया इत्यादि बनाने के लिए किया जाता है।

खाद्य विभाग की निष्क्रियता के कारण, व्यापारी का चल रहा खाद्य तेल में मिलावट का खेल,

शहर में चल रहे हैं खाद्य सामग्री में मिलावट का खेल खाद विभाग की निष्क्रियता को उजागर करता है । बिलासपुर जिला में खाद्य विभाग की कमान जब से एच मसीह को मिला है तब से खाद्य सामग्री में मिलावट ,तेल व्यापारी, बड़े होटल पर घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग करने वाले व्यापारियों के लिए स्वर्ग बन गया है। खाद्य विभाग की निष्क्रियता के कारण एक तरफ जनता मिलावटी सामग्री खाने को मजबूर है। साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग होटलों में धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिसके कारण आम लोगों को गैस सिलेंडर तक के लिए लालायित होना पढ़ रहा हैं। लेकिन जिला में बैठे खाद्य विभाग के अधिकारियों को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग के बड़े अधिकारी से लेकर आला अधिकारी तक किसी प्रकार की वैधानिक कार्यवाही नहीं करने की कसम खा चुके हैं। जिसका खामियाजा आज जनता को चुकाना पड़ रहा है। खाद्य सामग्रियों में बेतहाशा वृद्धि होती जा रही है। इन कीमतों को कम करने के लिए विभाग को आवश्यकता है कि मिलावट खोर, जमा खोर व्यापारियों की गोदाम पर छापा मार कार्यवाही किया जाए। जिससे की आम जनता की जेब को महंगाई से व स्वस्थ भोजन से स्वास्थ्य को राहत मिल सके।

अब देखने वाली बात यह होगी कि हमारी इस खबर पर क्या खाद्य विभाग व्यापार विहार मेन रोड पर स्थित मिलावट खोर तेल व्यापारी,व जमाखोर कर काला बाजार करने वाले व्यापारी पर किस तरह की कार्रवाई करती है। और बड़ी हुई खाद्य सामग्री की कीमत पर आम जनता को कितना राहत मिलता है।

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