रायगढ़तमनार

रायगढ़ : तमनार में सब्ज़ी की आड़ में अफ़ीम की खेती का पर्दाफ़ाश ; राजस्व विभाग की भूमिका संदिग्ध

खबर छत्‍तीसगढ़
रायगढ़ |
राज्य शासन के निर्देशानुसार रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तमनार क्षेत्र के ग्राम आमाघाट में 19 मार्च को की गई छापेमारी में लगभग एक एकड़ में फैली अफ़ीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया गया।
🌿 सब्ज़ी की आड़ में उगाई जा रही थी प्रतिबंधित फसल
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आमाघाट में सब्ज़ियों की खेती के बीच अफ़ीम उगाई जा रही है। मौके पर पहुंची टीम ने देखा कि करीब एक एकड़ भूमि पर अफ़ीम के पौधे लहलहा रहे थे।

➡️ मामले से जुड़े प्रमुख तथ्य:

खेत का मालिकाना हक: यह खेत स्थानीय निवासी श्रीमती सुषमा खलखो का बताया जा रहा है।
हिरासत: पुलिस ने उनके पति मार्शल संगा (मूल निवासी झारखंड, वर्तमान में घरजमाई) को हिरासत में लिया है।
पूछताछ: आरोपी से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस अवैध नेटवर्क का खुलासा हो सके।
गिरफ्तारी: महिला की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

⚠️ गिरदावरी प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
इस मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हर वर्ष अगस्त-सितंबर में होने वाली गिरदावरी के बावजूद इतनी बड़ी अवैध खेती का रिकॉर्ड में न आना गंभीर लापरवाही या संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करता है।

🔍 जांच के घेरे में ये बिंदु:

DGPS सर्वे: शासन द्वारा नियुक्त प्राइवेट सर्वेयरों ने उन खेतों का डिजिटल सर्वे किया था जिनका नक्शा बटांकन हो चुका था।पटवारी की जिम्मेदारी: जिन खेतों का बटांकन नहीं हुआ था, वहां पटवारी को स्वयं मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करना था।सत्यापन और अनुमोदन: पटवारी द्वारा सर्वे का सत्यापन किया गया और राजस्व निरीक्षक (R.I.) को भी मौके पर जाकर मिलान करना था।

👤 जिम्मेदार अधिकारी जांच के दायरे में
आमाघाट क्षेत्र में गिरदावरी और सत्यापन के लिए वर्तमान में निम्नलिखित अधिकारी जिम्मेदार हैं:
पटवारी और राजस्व निरीक्षक (R.I.): गणेश राम रात्रे
अब यह जांच का मुख्य विषय है कि:

क्या गिरदावरी रिपोर्ट में जानबूझकर अफ़ीम को छिपाकर ‘सब्ज़ी’ दर्शाया गया?

क्या फील्ड सत्यापन के दौरान अधिकारियों द्वारा जानबूझकर लापरवाही बरती गई?
🚔 सख्त कार्रवाई के संकेत
जिला प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। अवैध खेती से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान की जाएगी और यदि किसी भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🔥 जनता का बड़ा सवाल
👉 जब एक एकड़ जैसे बड़े रकबे में अफ़ीम की खेती लहलहा रही थी, तो गिरदावरी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी और सर्वेयर आखिर क्या कर रहे थे?

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