मजदूर परिवारों के लिए 20 हजार रुपये की मदद बड़ी राहत, मिनीमाता महतारी जतन योजना का व्यापक प्रचार जरूरी

रायगढ़ जिले में 6,679 हितग्राही पंजीकृत, पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत
रायगढ़। मातृत्व का समय किसी भी महिला के जीवन का महत्वपूर्ण दौर होता है। गर्भावस्था से लेकर प्रसव और उसके बाद मां एवं नवजात शिशु की देखभाल के लिए पौष्टिक आहार, दवाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत होती है। ऐसे समय में आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर परिवारों के सामने कई चुनौतियां भी आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित मिनीमाता महतारी जतन योजना पात्र महिला निर्माण श्रमिकों के लिए आर्थिक संबल बन रही है। योजना के तहत बच्चे के जन्म पर पात्र महिला को एकमुश्त 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। रायगढ़ जिले में इस योजना के अंतर्गत 6,679 हितग्राही पंजीकृत हैं।
मजदूर परिवारों के लिए 20 हजार रुपये की राशि बड़ी मदद
मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले परिवारों के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि काफी मायने रखती है। प्रसव के समय दवाइयों, पौष्टिक भोजन, उपचार और नवजात शिशु की देखभाल से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में यह राशि महत्वपूर्ण सहयोग दे सकती है। योजना के तहत सहायता राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाती है।
लाखों की आबादी वाले जिले में केवल 6,679 पंजीयन, जागरूकता बढ़ाने की जरूरत
रायगढ़ जैसे बड़े जिले में योजना के अंतर्गत 6,679 हितग्राहियों का पंजीयन सामने आने के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि जिले में कुल कितनी पात्र महिला निर्माण श्रमिक हैं और उनमें से कितनी महिलाएं अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाई हैं। केवल योजना संचालित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसकी जानकारी प्रत्येक पात्र श्रमिक परिवार तक पहुंचाना भी जरूरी है।
मजदूर परिवारों के लिए 20 हजार रुपये की सहायता छोटी राशि नहीं है। ऐसे में शासन और जिला प्रशासन को इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देनी चाहिए। ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों, श्रम विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र महिला इस सहायता से वंचित न रहे।
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी पात्रता – योजना का लाभ लेने के लिए महिला का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही, वह छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक होनी चाहिए। योजना का लाभ प्रथम दो बच्चों के प्रसव तक दिया जाता है।
आवेदन के लिए श्रमिक पंजीयन कार्ड (मजदूर कार्ड), आधार कार्ड, बैंक पासबुक, बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड तथा स्व-घोषणा प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा – पात्र हितग्राही छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के श्रमेव जयते पोर्टल अथवा मायस्कीम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अथवा सीएम हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क किया जा सकता है।
जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब उनका लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचे। मिनीमाता महतारी जतन योजना के प्रति व्यापक जनजागरूकता और पात्र महिलाओं के पंजीयन पर विशेष ध्यान देकर हजारों जरूरतमंद श्रमिक परिवारों को मातृत्व के समय आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जा सकता है।



