रायगढ़

“शिकायत से कार्रवाई तक: 3 दिन में बदली तस्वीर, चिराईपानी में ‘अग्रोहा प्लांट’ पर ग्राम सभा का बेदखली फरमान”

📍 रायगढ़ (छत्तीसगढ़) | 13 अप्रैल 2026ग्राम पंचायत लाखा के अंतर्गत ग्राम चिराईपानी में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। 10 अप्रैल को ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने महज तीन दिनों में ऐसा रूप लिया कि 13 अप्रैल को आयोजित विशेष ग्राम सभा में ‘अग्रोहा प्लांट’ के खिलाफ तत्काल बेदखली का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

🗞️ पहली कड़ी (10 अप्रैल): जब उठा अवैध कब्जे का मुद्दा

10 अप्रैल को सामने आए मामले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि

छोटे झाड़ के जंगल’ के रूप में दर्ज शासकीय भूमि पर अतिक्रमण

पेड़ों की कटाई कर जमीन को समतल करना

बड़े पैमाने पर फ्लाई ऐश डंपिंग

लोहे के खंभे गाड़कर घेराबंदी की गई

ग्रामीणों ने सरपंच और पंचायत सचिव को लिखित शिकायत देकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही, जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल और जनपद सदस्य फूल मति धनवार से हस्तक्षेप की अपील की गई थी।

👨‍🚒 दूसरी कड़ी (13 अप्रैल): ग्राम सभा का निर्णायक प्रहारमामले की गंभीरता को देखते हुए 13 अप्रैल को ग्राम पंचायत चिराईपानी में विशेष बैठक आयोजित की गई। सरपंच इंद्र कुमार पंडा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने एकमत होकर कड़ा रुख अपनाया।

📌 ग्राम सभा के फैसले

🚫 प्लांट द्वारा किए गए अवैध कब्जे को तत्काल हटाने की मांग

📜 प्लांट प्रबंधन को बेदखली नोटिस जारी करने का निर्णय

🌱 जमीन को पूर्व स्थिति (पहले जैसा) करने का आदेश

🏛️ जनप्रतिनिधि का हस्तक्षेप

जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच और पंचायत सचिव को निर्देशित किया है कि ग्रामीणों की मांग पर तत्काल अमल किया जाए और संबंधित प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

👥️ग्रामीणों का सख्त संदेश: ‘अब और मोहलत नहीं’बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने साफ कहा कि यह भूमि गांव के सार्वजनिक उपयोग और विकास के लिए आरक्षित है।

⚠️ चेतावनी:यदि प्रस्ताव के बावजूद पंचायत ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।

🧭 बड़ा सवाल: क्या पंचायत करेगा सख्त कार्रवाई?यह मामला अब पंचायत के लिए एक अहम परीक्षा बन गया है।

👉 क्या राजस्व विभाग से सीमांकन करा कर अतिक्रमण हटाई जाएगा ?

👉 क्या प्लांट प्रबंधन पर कार्रवाई होगी?

👉 या यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन में बदल जाएगा?

🎯 इम्पैक्ट लाइन (सबसे अहम)महज 3 दिनों में शिकायत से ग्राम सभा के आधिकारिक प्रस्ताव तक पहुंचा यह मामला, स्थानीय स्तर पर जनएकजुटता और सक्रिय जनप्रतिनिधित्व का बड़ा उदाहरण बन गया है।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page