छत्तीसगढ़

“फसल बदलो, ₹15 हजार पाओ: साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, खनिज वाहनों में RFID अनिवार्य; 240 ई-बसों को मंजूरी”

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों, खनन, बिजली, सार्वजनिक परिवहन और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, अवैध खनन पर अंकुश लगाने, शहरी परिवहन को मजबूत करने और प्रशासनिक सुधारों के लिए लगातार काम कर रही है।

कैबिनेट ने कृषक उन्नति योजना में बड़ा बदलाव करते हुए फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसके अलावा खनिज परिवहन में RFID और ट्रैकिंग सिस्टम को अनिवार्य बनाया गया है तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति भी दी गई है।

धान के बजाय दूसरी फसल लेने पर मिलेगा ₹15,000 प्रति एकड़

राज्य सरकार ने धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है।

योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों के साथ-साथ दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹15,000 की आदान सहायता दी जाएगी। लाभार्थियों का चयन एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के सत्यापित आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा, जिससे योजना का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।

अवैध खनन पर सरकार सख्त, RFID और ट्रैकिंग सिस्टम होगा अनिवार्य – मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी है। अब खनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली (VTS) लगाना अनिवार्य होगा।

इसके साथ ही खनिजों की मात्रा और ग्रेड की सटीक निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों के लिए शुल्क और सुरक्षा निधि में वृद्धि की गई है, जबकि व्यापारिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए दो भंडारण लाइसेंसों के समामेलन की सुविधा भी प्रदान की गई है।

छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी का आएगा IPO – कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी सरकारी बिजली कंपनी को पूंजी बाजार में उतारा जाएगा।

सरकार का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय क्षमता बढ़ेगी, पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा और आम निवेशकों को भी कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा।

रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें – प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य सरकार ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) के लिए डायरेक्ट डेबिट मैडेट (DDM) संबंधी सहमति केंद्र सरकार को भेजने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय के बाद रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे शहरी सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।

राशन कार्डधारियों को मिलता रहेगा मुफ्त चना – कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र परिवारों को वर्ष 2026-27 में भी चना वितरण जारी रखने का निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेशनल ई-मार्केट (NeML) प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सेवा शुल्क पर चना खरीदी की अनुमति दी गई है। साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक की अवधि के लिए भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।

योग विभाग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन – राज्य सरकार ने प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने का फैसला लिया है।

सरकार के अनुसार योग आयुष पद्धति का अभिन्न अंग है, इसलिए इस बदलाव से योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन संभव हो सकेगा।

नवा रायपुर में विकास कार्यों को मिलेगी गति

कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (ANVPA) को आपसी सहमति से भूमि क्रय करने पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक करने का निर्णय लिया है।

इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और नवा रायपुर में अधोसंरचना विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

जनता, किसानों और निवेशकों पर दिखेगा असर – कैबिनेट के इन फैसलों का सीधा लाभ किसानों, राशन कार्डधारियों, शहरी यात्रियों और निवेशकों को मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से किसानों के लिए फसल विविधीकरण प्रोत्साहन योजना और अवैध खनन रोकने के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को सरकार के महत्वपूर्ण कदमों में माना जा रहा है।

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