छत्तीसगढ़रायगढ़

चिराईपानी मौतकांड पर सियासी घेराबंदी तेज: महिला मजदूर की मौत और दो श्रमिकों के घायल होने के बाद कांग्रेस ने गठित की 6 सदस्यीय जांच समिति

रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के चिराईपानी औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग प्रबंधन की कथित लापरवाही के चलते बाउंड्री वॉल ढहने से एक महिला श्रमिक की मौत तथा दो अन्य मजदूरों के गंभीर रूप से घायल होने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर औद्योगिक हादसे को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने छह सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर गठित इस समिति के संबंध में प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा आधिकारिक आदेश (क्रमांक-307, दिनांक 19 जून 2026) जारी किया गया है। समिति को घटनास्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जांच करने तथा विस्तृत प्रतिवेदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।

विधायक रामकुमार यादव को सौंपी गई कमान – जांच समिति का संयोजक चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव को बनाया गया है। समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं—

रामकुमार यादव, विधायक चंद्रपुर — संयोजक

बालेश्वर साहू, विधायक जैजैपुर — सदस्य

विद्यावती सिदार, विधायक लैलूंगा — सदस्य

प्रकाश नायक, पूर्व विधायक रायगढ़ — सदस्य

आरती सिंह, महामंत्री पीसीसी — सदस्य

सलीम नियारिया, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम रायगढ़ — सदस्य

पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों से करेगी मुलाकात

प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी निर्देश के अनुसार समिति जल्द ही चिराईपानी पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। साथ ही पीड़ित परिवारों, घायलों, स्थानीय ग्रामीणों और संबंधित पक्षों से चर्चा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी। जांच के बाद तैयार रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी।

पहले भी उठ चुके थे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गौरतलब है कि इस हादसे से पहले भी औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, जर्जर निर्माण कार्यों और कथित नियम-विरुद्ध गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। क्षेत्र में बाउंड्री वॉल की स्थिति तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंताएं व्यक्त की जाती रही थीं। हादसे के बाद इन सवालों ने और गंभीर रूप ले लिया है।

प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची गूंज – जांच समिति गठन संबंधी आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी गई है।

चिराईपानी हादसे के बाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर मामले की निगरानी बढ़ गई है। ऐसे में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page