घरघोड़ारायगढ़

चारमार में मालगाड़ी की चपेट में आया जंगली हाथी, रेलवे ट्रैक पर घायल अवस्था में मिला; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

इलाके में 60 से अधिक हाथियों का दल सक्रिय, वन विभाग और रेलवे प्रशासन पूरी रात स्थिति पर नजर बनाए हुए है

घरघोड़ा/रायगढ़, 15 जून 2026। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन परिक्षेत्र अंतर्गत चारमार गांव के समीप सोमवार रात एक जंगली हाथी मालगाड़ी की चपेट में आ गया। हादसे के बाद हाथी रेलवे ट्रैक के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा मिला। सूचना मिलते ही वन विभाग, रेलवे प्रशासन और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंच गई तथा देर रात तक रेस्क्यू और उपचार की कार्रवाई जारी रही।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, तभी वह मालगाड़ी की चपेट में आ गया। घटना के बाद हाथी ट्रैक के किनारे पत्थरों पर गिर पड़ा। मौके से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में हाथी घायल अवस्था में दिखाई दे रहा है तथा वह उठने और चलने में असमर्थ नजर आ रहा है।

रात में मचा हड़कंप, बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण – घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। रात के अंधेरे में टॉर्च और मोबाइल की रोशनी के सहारे लोगों ने घायल हाथी को देखा। हाथी की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है।

60 से अधिक हाथियों का दल सक्रिय, बढ़ी सतर्कता – वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में घरघोड़ा और आसपास के वन क्षेत्रों में 60 से अधिक हाथियों का दल विचरण कर रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि घायल हाथी की मौजूदगी और उसकी गतिविधियों के कारण अन्य हाथी भी घटनास्थल की ओर पहुंच सकते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है तथा अनावश्यक रूप से घटनास्थल के निकट नहीं जाने का आग्रह किया है।

वन विभाग और रेलवे प्रशासन अलर्ट मोड पर – घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में वन्यजीव चिकित्सकों को भी बुलाया गया है ताकि घायल हाथी का परीक्षण कर आवश्यक उपचार शुरू किया जा सके।

वन विभाग और रेलवे प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बना हुआ है। हाथी की सुरक्षा, उपचार और संभावित जोखिमों को देखते हुए पूरी रात निगरानी रखी जा रही है।

हाथी की जान बचाने पर फोकस – अधिकारियों के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता घायल हाथी को सुरक्षित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना और उसकी जान बचाना है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही हाथी की चोटों की वास्तविक स्थिति और आगे की उपचार प्रक्रिया स्पष्ट हो सकेगी।

देर रात तक घटनास्थल पर रेस्क्यू अभियान जारी रहा और वन विभाग की टीम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थी।

फोटो सांकेतिक

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