रायगढ़

चिराइपानी में 72 घंटे से ब्लैकआउट: गाज गिरने से ट्रांसफार्मर जला, हड़ताल के बीच बिजली बहाली की मांग; जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल ने अधिकारियों से किया आग्रह

रायगढ़/चिराइपानी। ग्राम चिराइपानी पिछले 72 घंटे से अंधेरे में डूबा हुआ है। 29 जून की शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान ट्रांसफार्मर पर आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से वह पूरी तरह जल गया, जिसके बाद पूरे गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। स्थिति को और गंभीर बना रही है बिजली विभाग के मैदानी कर्मचारियों की हड़ताल, जिससे ट्रांसफार्मर बदलने और आपूर्ति बहाल करने का कार्य प्रभावित हो रहा है।

72 घंटे से बिजली गुल होने की पुष्टि” – ग्रामीणों के अनुसार गांव में 29 जून की शाम से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है और 72 घंटे बीत जाने के बाद भी बहाली नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से शीघ्र समाधान का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल अपनी जगह है, लेकिन आम जनता को लंबे समय तक बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराने का आग्रह किया है।

बिजली बंद होने का सबसे बड़ा असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। बोरवेल और पानी की टंकियां बंद होने से ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे कीचड़ और जलभराव के बीच सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार रातभर भय के साये में रहने को मजबूर हैं।

बिजली संकट का असर संचार व्यवस्था पर भी पड़ा है। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से कई लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। मेडिकल आपात स्थिति में 108 एंबुलेंस या 112 सहित अन्य सहायता सेवाओं तक संपर्क करना भी मुश्किल हो रहा है।

बारिश और उमस के बीच पंखे व कूलर बंद होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। वहीं आटा चक्कियां बंद होने से ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे मोमबत्ती और लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन और बिजली विभाग शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था कर ट्रांसफार्मर बदलेंगे और चिराइपानी में बिजली आपूर्ति बहाल होगी।

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