18 जून हादसा… 20 जून पंचनामा… 26 जून बुलडोजर: 8 दिन में ‘ओम श्री रूपेश’ उद्योग के अवैध अतिक्रमण का अंत

गर्भवती महिला मजदूर की मौत के बाद प्रशासन ने दिखाई सख्ती, पंचनामे के आधार पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
रायगढ़, 26 जून। ग्राम चिराईपानी स्थित ‘ओम श्री रूपेश’ (शंकरलाल अग्रवाल) उद्योग में 18 जून की रात हुए दर्दनाक हादसे के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने आठ दिनों के भीतर बड़ा परिणाम दिया। प्रशासन ने 20 जून को राजस्व विभाग द्वारा तैयार किए गए पंचनामे के आधार पर उद्योग परिसर में किए गए अवैध अहाता (बाउंड्री वॉल) के हिस्से को हटाने की कार्रवाई की। तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता गोपाल अग्रवाल भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई पर नजर बनाए रखी।

18 जून की रात उद्योग परिसर में हुए हादसे में एक गर्भवती महिला मजदूर की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कार्रवाई की मांग उठी। गोपाल अग्रवाल 18 जून की रात से लगातार घटनास्थल और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर ग्रामीणों के साथ प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

18 जून से 26 जून तक: कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन
18 जून (रात): उद्योग परिसर में हादसा हुआ। एक गर्भवती महिला मजदूर की मौत हुई तथा दो अन्य मजदूर घायल हुए। घटना की सूचना मिलते ही गोपाल अग्रवाल मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार व ग्रामीणों के साथ खड़े होकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
20 जून: राजस्व विभाग की टीम ने स्थल निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया। जांच में उद्योग परिसर से जुड़े अतिक्रमण एवं अन्य अनियमितताओं का उल्लेख किया गया।
23 जून: कांग्रेस का जांच दल घटनास्थल पहुंचा। उस समय तक राजस्व विभाग पंचनामा तैयार कर चुका था। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जांच दल के समक्ष भी अपनी बातें रखीं। गोपाल अग्रवाल ने कांग्रेस से आग्रह किया कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर प्रशासन की कार्रवाई में सहयोग करें।
26 जून: 20 जून को तैयार पंचनामे के आधार पर प्रशासन ने उद्योग द्वारा किए गए अवैध अहाता (बाउंड्री वॉल) के हिस्से को हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान गोपाल अग्रवाल भी मौके पर मौजूद रहे।
पंचनामे में सामने आए गंभीर तथ्य
20 जून को तैयार पंचनामे में उद्योग परिसर से जुड़े कई गंभीर तथ्य दर्ज किए गए। जांच में उल्लेख किया गया कि उद्योग द्वारा केवल शासकीय भूमि ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियों और स्थानीय किसानों की निजी भूमि तक को कथित रूप से अवैध अहाते के भीतर शामिल कर लिया गया था।
पंचनामे के अनुसार सरकारी सड़क मद की भूमि, धरसा भूमि, तालाब की भूमि तथा छोटे झाड़ के जंगल पर अवैध रूप से बाउंड्री वॉल खड़ी की गई थी। राजस्व विभाग ने सीमांकन कर इन तथ्यों को पंचनामे में दर्ज किया, जिसके आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि स्थानीय भूमि स्वामियों रंगलाल, मंगलेश्वर पंडा तथा ममता जायसवाल की निजी भूमि भी कथित रूप से उद्योग के अवैध अहाते की चपेट में आ गई थी। इसके अतिरिक्त क्रशर क्षेत्र में भारी मात्रा में स्लैग डस्ट का भंडारण पाया गया, जिससे बाउंड्री वॉल पर अतिरिक्त दबाव और सुरक्षा संबंधी खतरे का उल्लेख भी पंचनामे में किया गया।

सबके प्रयासों से आगे बढ़ी कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से कार्रवाई आगे बढ़ी। नवीन राजपूत, अंजनी डनसेना, दसरथ पंडा, नटराज डनसेना, श्यामबन्धु साहू, केदारनाथ डनसेना, उदयचंद्र साहू, डमरूधर पंडा, विपिन डनसेना, रंगलाल डनसेना, नीरज डनसेना, परमानंद चौहान सहित अनेक ग्रामीण लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे। जनपद सदस्य एवं ग्राम सरपंच ने भी ग्रामीणों का समर्थन किया।

प्रशासन की ओर से कार्रवाई के दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित राजस्व विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उद्योग परिसर के अवैध अहाता (बाउंड्री वॉल) के हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।

कांग्रेस से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
गोपाल अग्रवाल ने कहा कि एक गर्भवती महिला की मौत अत्यंत दुखद घटना है। उन्होंने कांग्रेस से अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि “जनहित के ऐसे मामलों में सभी राजनीतिक दलों को राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग करना चाहिए।”
अन्य विभागों की भी बढ़ी सक्रियता
हादसे और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब उद्योग से जुड़े अन्य मामलों पर भी विभिन्न विभागों का ध्यान गया है। पर्यावरण, राजस्व तथा अन्य संबंधित विभागों के स्तर पर उद्योग की गतिविधियों और नियमों के अनुपालन को लेकर जांच एवं परीक्षण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। विभिन्न विभागों को भेजे गए शिकायतों और पत्रों पर भी कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
18 जून की रात हुए हादसे से शुरू हुई यह कार्रवाई 26 जून को अवैध अतिक्रमण हटाए जाने तक पहुंची। हालांकि हादसे से जुड़ी अन्य जांच और कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि यदि जांच में अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं, तो उन पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और उद्योग से जुड़े अन्य मामलों में भी प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करेगा।



