रायगढ़

रायगढ़: सहकारिता एवं उद्योग समिति की बैठक में बड़े फैसले, PDS भुगतान की होगी जांच, काशिचुआँ में नए धान खरीदी केंद्र की अनुशंसा

रायगढ़ | 4 अगस्त 2026। जिला पंचायत रायगढ़ की सहकारिता एवं उद्योग स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज जिला पंचायत सभाकक्ष में समिति के सभापति श्री गोपाल अग्रवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में किसानों, सहकारी संस्थाओं एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सारगर्भित चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।

बैठक में समिति के सदस्य श्री मुरलीधर राठिया, श्रीमती सतबाई पटेल एवं श्री रमेश बेहरा उपस्थित रहे। बैठक में समिति के सचिव श्री व्यास साहू भी उपस्थित रहे। इसके अलावा उद्योग विभाग से महाप्रबंधक अंजू नायक,जिला विपणन अधिकारी, अपेक्स बैंक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं महाप्रबंधकों ने विभागीय प्रतिवेदन प्रस्तुत कर समिति के समक्ष जानकारी रखी।

बैठक में आगामी धान खरीदी की तैयारियों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली, खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की समीक्षा की गई। समिति ने किसानों एवं हितग्राहियों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

PDS कमीशन भुगतान की होगी विस्तृत जांच

बैठक में सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों को किए गए कमीशन भुगतान की विस्तृत वित्तीय एवं अभिलेखीय समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। समिति ने विकासखंडवार एवं दुकानवार भुगतान विवरण, स्वीकृति आदेश, बैंक स्टेटमेंट, लंबित एवं रोके गए भुगतान तथा संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया कि समीक्षा के दौरान यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रकरण सक्षम प्राधिकारी को भेजा जाएगा।

काशिचुआँ में धान खरीदी केंद्र की अनुशंसा

समिति ने एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करते हुए ग्राम पंचायत काशिचुआँ में नवीन धान उपार्जन केंद्र (धान खरीदी केंद्र) स्थापित करने की अनुशंसा राज्य शासन को भेजने का निर्णय लिया। समिति के समक्ष बताया गया कि काशिचुआँ आसपास के 7 से 8 गांवों के किसानों को वर्तमान में 9 से 10 किलोमीटर दूर स्थित खरीदी केंद्र जाना पड़ता है, जिससे समय एवं आर्थिक व्यय बढ़ता है। प्रस्ताव में क्षेत्र की कृषि क्षमता एवं किसानों की सुविधा को देखते हुए शीघ्र नया धान खरीदी केंद्र स्थापित करने की अनुशंसा की गई।

इसके अलावा सहकारिता, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, मितव्ययता एवं अल्पबचत, बाजार एवं सांख्यिकी सहित एजेंडा में शामिल सभी विषयों पर विस्तृत एवं सारगर्भित चर्चा की गई। समिति ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।


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