रायगढ़

मशीनों की जांच अनिवार्य, सुरक्षा से समझौता नहीं: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी का उद्योगों को सख्त संदेश



रायगढ़ | खबर छत्तीसगढ़- जिले में बढ़ते औद्योगिक हादसों पर रोक लगाने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से स्पंज आयरन और पावर प्लांट संचालकों को निर्देशित किया कि वे मशीनों और संयंत्रों का नियमित टेक्निकल ऑडिट कराएं। साथ ही, संचालन के दौरान तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि की आशंका को रोका जा सके।


औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई के निर्देश- कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित और औचक निरीक्षण किया जाए। जहां भी सुरक्षा उपकरणों की कमी या मशीनों के रखरखाव में लापरवाही सामने आए, वहां संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सीधे वैधानिक कार्रवाई की जाए।


निवेश को भी मिलेगा बढ़ावा- सुरक्षा के साथ-साथ कलेक्टर ने औद्योगिक निवेश को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ के माध्यम से लंबित क्लीयरेंस, सब्सिडी और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों को समयसीमा में निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही, एमओयू करने वाली इकाइयों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।


बैठक में ये रहे मौजूद – सृजन सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक अंजू नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

प्रशासन का यह सख्त रुख साफ संकेत देता है कि अब रायगढ़ में उद्योगों को ‘सेफ्टी फर्स्ट’ के सिद्धांत पर ही काम करना होगा—अन्यथा कार्रवाई तय है।

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