
रायपुर/बिलासपुर | 6 मई 2026
छत्तीसगढ़ में सड़कों की गुणवत्ता और लोक निर्माण विभाग (PWD) के कामकाज को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। 7 और 8 मई को नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में होने वाली दो दिवसीय मैराथन बैठक को लेकर विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। संकेत साफ हैं—इस बार केवल कागजी समीक्षा नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत का पूरा हिसाब लिया जाएगा।
क्यों अहम है यह बैठक?-
इस 48 घंटे के ‘महा-मंथन’ में प्रदेशभर के छोटे-बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स की गहन समीक्षा होगी। डिप्टी सीएम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर फाइल खुलेगी और हर प्रोजेक्ट की स्थिति पर सीधे सवाल होंगे।
दो दिन का पूरा प्लान-
7 मई- पहले दिन नेशनल हाईवे (NH) और पुल निर्माण कार्यों की समीक्षा होगी। तकनीकी मानकों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत हैं।
8 मई- दूसरे दिन प्रदेश के पांचों संभागों की सड़कों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ पेश किया जाएगा। ग्रामीण सड़कों से लेकर शहरी कनेक्टिविटी तक हर स्तर पर गुणवत्ता और प्रगति की जांच होगी।
क्या कहते हैं हालात?-
मानसून नजदीक है और ऐसे में सड़कों की मरम्मत, गड्ढों की भराई और अधूरे पुलों को सुरक्षित बनाना बड़ी चुनौती बन चुका है। इस बैठक को लेकर यह माना जा रहा है कि सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही पर अब कड़ा एक्शन तय है।
सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब सड़कों की गुणवत्ता पर कोई ढिलाई नहीं चलेगी। आने वाले दिनों में PWD और ठेकेदारों की कार्यशैली पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।



