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खनन प्रभावित युवाओं के सपनों को लगे पंख: DMF फंड से 15 युवाओं को इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर में मिलेगा फ्री प्रशिक्षण


रायगढ़ | 14 मई 2026 – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तथा कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में रायगढ़ जिला प्रशासन ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल दिए हैं। विशेष रूप से लैलूंगा एवं धरमजयगढ़ विकासखंड के 15 युवाओं को अब प्रतिष्ठित (Institute of Hotel Management Raipur)इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर में हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट का निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।


इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से 19 लाख 20 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह राशि सत्र 2026-27 के दौरान चयनित विद्यार्थियों की फीस, प्रशिक्षण एवं अन्य शैक्षणिक व्यय पर खर्च की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है।


युवाओं को मिलेगा प्रोफेशनल करियर का अवसर – प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को होटल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे उन्हें देश-विदेश के होटल, पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। खास बात यह है कि चयनित छात्रों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि पूरा खर्च DMF मद से वहन किया जाएगा।


खनन क्षेत्रों में विकास की नई सोच – कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में शुरू की गई इस योजना को खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इन क्षेत्रों के विकास के लिए केवल खनिज संसाधनों का उपयोग ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है।


प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पहल युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के युवाओं में भी उच्च शिक्षा और प्रोफेशनल प्रशिक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।


शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर प्रशासन का फोकस
रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा DMF मद का उपयोग केवल होटल मैनेजमेंट प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा गया है। जिले के युवाओं को नर्सिंग, मेडिकल, इंजीनियरिंग, विधि (Law), तकनीकी शिक्षा एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए भी लगातार आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य जिले में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।


जिले में बन रहा ‘स्किल डेवलपमेंट मॉडल’ – रायगढ़ जिला प्रशासन की यह पहल अब एक नए “स्किल डेवलपमेंट मॉडल” के रूप में देखी जा रही है, जहां DMF फंड का उपयोग केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखकर मानव संसाधन विकास पर भी किया जा रहा है। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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