रायगढ़ में प्रशासन का बड़ा अलर्ट: बिना परमिशन रैली-जुलूस पर सीधा ऐक्शन, नशे के नेटवर्क और लापरवाह उद्योगों पर चलेगा शिकंजा; सड़क हादसे में मददगार बनेंगे ‘राह-वीर’, मिलेगा ₹25 हजार इनाम

रायगढ़, 22 मई 2026। जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने, सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम कसने और नशे के अवैध कारोबार की जड़ों पर प्रहार करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रणनीति तैयार कर ली है। शुक्रवार को जिला कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल समीक्षा बैठक में साफ संदेश दिया गया कि अब नियम तोड़ने वालों, हुड़दंगियों, नशे के कारोबारियों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीधे और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

बिना अनुमति रैली-जुलूस पर ‘नो कंप्रोमाइज’ – यातायात व्यवस्था और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने जिले में बिना पूर्व अनुमति किसी भी रैली, जुलूस या धरना-प्रदर्शन पर सख्ती से रोक लगाने का फैसला किया है। सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों पर सीधे कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही प्रशासनिक और पुलिस सूचना तंत्र को और मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा गया कि किसी भी अप्रिय गतिविधि की सूचना तत्काल कंट्रोल सिस्टम तक पहुंचनी चाहिए।
नशे के कारोबार पर आर-पार की लड़ाई – एसएसपी शशि मोहन सिंह ने जिले में गांजा, अवैध शराब और नए तरह के “सूखे नशे” के नेटवर्क को खत्म करने के लिए संयुक्त अभियान चलाने की घोषणा की। पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मिलकर लगातार कार्रवाई करेंगी।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु-
ई-कॉमर्स कूरियर, ट्रांसपोर्ट कंपनियों और बड़े गोदामों की औचक जांच।
संदिग्ध पार्सलों और सप्लाई चैन की निगरानी।
स्कूलों और कॉलेजों को “ड्रग्स फ्री जोन” बनाने की तैयारी।
‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत पुनर्वास कार्यों को गति।
प्रशासन के अनुसार ‘नवजीवन केंद्र’ के माध्यम से अब तक 266 लोगों को मुख्यधारा में वापस लाया जा चुका है और जल्द ही जिले में 10 बेड का नया रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू किया जाएगा।
सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने की तैयारी – जिले में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने गंभीर चिंता जताई है। एक्सीडेंट प्रोन एरिया — छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोड़ातराई, ऊर्दना तिराहा, जोरापाली और कांशीचुवा — में सुरक्षा सुधार कार्य तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन क्षेत्रों में- रंबल स्ट्रिप, रेडियम इंडिकेटर, स्टॉप लाइन मार्किंग, हाईमास्ट लाइट जैसे सुरक्षा उपाय तेजी से लगाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही भारी वाहनों से उड़ने वाली धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उद्योगों से ठोस कार्ययोजना मांगी गई है।
घायल की मदद करने वालों को मिलेगा ₹25 हजार – सड़क हादसों में घायल लोगों की जान बचाने वालों को अब प्रशासन सम्मानित करेगा। ‘राह-वीर योजना’ (Good Samaritan Scheme) के तहत यदि कोई नागरिक दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मदद करने वाले व्यक्ति को पुलिस या कोर्ट-कचहरी की प्रक्रिया में नहीं उलझाया जाएगा और उसकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी।
हाईटेक हुई डायल-112 सेवा – जिले की डायल-112 आपातकालीन सेवा को आधुनिक तकनीकों से लैस कर दिया गया है। अब वाहनों में PTZ कैमरा, डैश कैमरा, GPS और मोबाइल डेटा टर्मिनल लगाए गए हैं।एक ही कॉल पर अब:पुलिस,एम्बुलेंस,फायर ब्रिगेड,डिजास्टर मैनेजमेंट,महिला हेल्पलाइन,नेशनल हाईवे अथॉरिटीजैसी सेवाओं से तत्काल सहायता मिल सकेगी।🏭
उद्योगों को सख्त चेतावनी,सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं –
औद्योगिक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए कंपनियों को श्रमिकों के लिए ठंडा पानी, ORS, मेडिकल कैंप और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।साथ ही औद्योगिक हादसों की स्थिति में मृत श्रमिकों के आश्रितों को मुआवजा, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित निराकरण करने के आदेश दिए गए हैं।

बैठक में मौजूद रहे अधिकारीबैठक में एएसपी अनिल सोनी, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, सीएसपी मयंक मिश्रा, एडीएम अपूर्व प्रियेश, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर धनराज मरकाम सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी मौजूद रहे।



