सकरबोगा में मिलीं 250 साल पुरानी ताड़पत्र पांडुलिपियां, डिजिटल संरक्षण शुरू

ज्ञान भारतम पोर्टल पर दर्ज हुईं दुर्लभ हस्तलिखित धरोहरें, रायगढ़ के ग्रामीण अंचल से सामने आई ऐतिहासिक विरासत
रायगढ़, 18 मई 2026। रायगढ़ क्षेत्र के ग्राम सकरबोगा में लगभग 250 वर्ष पुरानी दुर्लभ ताड़पत्र पांडुलिपियां मिलने से क्षेत्र में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की नई पहचान सामने आई है। राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. के.के. गुप्ता द्वारा किए गए विशेष सर्वेक्षण में इन प्राचीन पांडुलिपियों को चिन्हित किया गया, जिन्हें अब डिजिटल रूप से संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सर्वे के दौरान ग्राम के प्रमोद सा के पास 20 ताड़पत्र पांडुलिपियां, जबकि बैरागी गुप्ता और ठाकुरदत्त गुप्ता के पास एक-एक पांडुलिपि सुरक्षित मिली। बताया गया कि ये सभी पांडुलिपियां ओड़िया भाषा में हस्तलिखित हैं, जिनमें रामायण, श्रीमद्भागवत गीता सहित कई धार्मिक एवं आध्यात्मिक ग्रंथ शामिल हैं। ग्रामीण परिवारों ने इन्हें पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखा है।

डॉ. के.के. गुप्ता ने उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में इन दुर्लभ पांडुलिपियों की ऑनलाइन प्रविष्टि भारत सरकार के “ज्ञान भारतम पोर्टल” पर दर्ज कराई है। साथ ही पांडुलिपियों की जियोटैगिंग भी की गई है, ताकि भविष्य में इनके संरक्षण और शोध कार्य को बढ़ावा मिल सके।
विशेषज्ञों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हजारों दुर्लभ पांडुलिपियां निजी संरक्षण में मौजूद हैं। सकरबोगा में मिली यह धरोहर इस बात का प्रमाण है कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी गांवों में जीवित है और समय रहते दस्तावेजीकरण कर इन्हें सुरक्षित रखा जा सकता है।



