रायगढ़

लाखा में पलटी रूपेश प्लांट की तेज रफ्तार फ़ोर्स गाड़ी, 100 मीटर तक घिसटता रहा वाहन; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

रायगढ़। लाखा पंचायत के आश्रित ग्राम चिराईपानी-धरसा मार्ग एवं कोलीमाली तालाब पर कथित अवैध कब्जे को लेकर पहले से विवादों में घिरे रूपेश प्लांट की एक और बड़ी लापरवाही मंगलवार सुबह सामने आई। प्लांट की एक फ़ोर्स गाड़ी (क्रमांक CG 13 BE 6991) लाखा मुख्य मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि पलटने के बाद भी वह सड़क पर करीब 100 मीटर तक घिसटता चला गया।

100 मीटर तक घिसटती रही गाड़ी, बड़ा हादसा टला

ग्रामीणों के अनुसार घटना मंगलवार सुबह लगभग 7:30 बजे की है। वाहन की गति इतनी तेज थी कि नियंत्रण खोने के बाद वह सड़क पर पलट गया और काफी दूरी तक घिसटता रहा। सड़क पर बने लंबे घर्षण निशान और क्षतिग्रस्त वाहन हादसे की गंभीरता को बयां कर रहे हैं। संयोगवश घटना के समय सड़क पर अधिक आवाजाही नहीं थी, जिससे किसी बड़ी जनहानि से बचाव हो गया। वाहन में केवल चालक सवार था, जिसे मामूली चोटें आई हैं।

“रोज इसी तरह दौड़ती हैं प्लांट की गाड़ियां”

घटना के बाद लाखा बस्ती के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रूपेश प्लांट के वाहन प्रतिदिन बस्ती के भीतर से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। घनी आबादी वाले क्षेत्र में बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की लगातार आवाजाही रहती है, बावजूद इसके वाहन चालकों पर कोई नियंत्रण नहीं दिखता। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और आपत्ति के बाद भी प्लांट प्रबंधन ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

पहले से विवादों में घिरा है रूपेश प्लांट – गौरतलब है कि ग्राम पंचायत लाखा के सरपंच इन्द्र कुमार पंडा, उपसरपंच केदारनाथ डनसेना, बीडीसी सदस्य श्रीमती फूलमती धनवार सहित पंचायत प्रतिनिधियों और दर्जनों ग्रामीणों ने पहले ही रूपेश प्लांट एवं उसके संचालक शंकर लाल अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी द्वारा शासकीय धरसा मार्ग को बाधित कर कथित रूप से बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है तथा कोलीमाली तालाब क्षेत्र की घेराबंदी कर आम लोगों और मवेशियों के आवागमन व निस्तारी व्यवस्था को प्रभावित किया गया है। इस मामले में ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर चुके हैं।

ग्रामीणों ने उठाए बड़े सवाल – ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर शासकीय मार्ग और तालाब क्षेत्र को लेकर विवाद जारी है, वहीं दूसरी ओर प्लांट की बेलगाम गाड़ियां अब लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही हैं। उनका सवाल है कि आखिर बार-बार शिकायतों और घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं।

प्रशासन और RTO से कार्रवाई की मांग – दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और परिवहन विभाग (RTO) से मांग की है कि—

बस्ती क्षेत्र में उद्योगों के वाहनों के लिए निर्धारित गति सीमा लागू की जाए।

तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

प्लांट के वाहनों की नियमित जांच कराई जाए।

शासकीय मार्ग और तालाब क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।

भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि मंगलवार की यह घटना एक चेतावनी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा और दुखद हादसा हो सकता है।

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