
लैलूंगा/रायगढ़, 6 जून 2026। इतिहास में कई उदाहरण मिलते हैं जब शासक भेष बदलकर जनता के बीच पहुंचे और व्यवस्थागत खामियों का पता लगाया। लैलूंगा में शनिवार को कृषि विभाग की कार्रवाई ने उसी परंपरा की याद दिला दी, जब एक वरिष्ठ अधिकारी किसान बनकर खाद खरीदने पहुंचे और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली का मामला उजागर हुआ।
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत उप संचालक कृषि ने किसान का वेश धारण कर लैलूंगा स्थित एक खाद विक्रेता के यहां पहुंचकर खरीदारी की। जांच के दौरान सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद की बोरी निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर बेचे जाने का मामला सामने आया।
जानकारी के अनुसार, लैलूंगा स्थित मां दुर्गा ट्रेडर्स में एसएसपी उर्वरक की एक बोरी, जिसकी निर्धारित कीमत लगभग 750 रुपये बताई गई है, उसके बदले 1800 रुपये की मांग की जा रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों की सत्यता परखने के लिए उप संचालक कृषि स्वयं किसान बनकर दुकान पहुंचे। जैसे ही अधिक कीमत वसूले जाने की पुष्टि हुई, विभागीय अमला सक्रिय हो गया और मौके पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
उर्वरक निरीक्षक पवन उरांव तथा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फुलेश्वर पैकरा के नेतृत्व में गठित टीम ने दुकान और गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुल 74 बोरी उर्वरक जब्त किया गया। साथ ही संबंधित गोदाम को सील कर दिया गया तथा दुकान के खाद विक्रय पर 10 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाते हुए संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई की खबर फैलते ही क्षेत्र के अन्य उर्वरक विक्रेताओं में भी हड़कंप की स्थिति देखी गई। कृषि विभाग के सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में जिले के विभिन्न विकासखंडों में इसी प्रकार के औचक निरीक्षण और सत्यापन अभियान जारी रहेंगे, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी खाद विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, कृत्रिम अभाव पैदा करने या निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने वालों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने किसानों से भी अपील की है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक राशि मांगता है या खाद उपलब्ध होने के बावजूद देने से इंकार करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को दें।
खरीफ सीजन की शुरुआत में हुई इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे औचक निरीक्षण न केवल कालाबाजारी पर अंकुश लगाएंगे, बल्कि किसानों में यह विश्वास भी मजबूत करेंगे कि उनकी शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।



