जनजातीय समुदाय को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाएं अधिकारी: एसटी आयोग अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी

रायगढ़ में विभागीय योजनाओं की समीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन अधिकार, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं पर दिए निर्देश; जिला पंचायत सदस्य गोपाल अग्रवाल भी रहे उपस्थित
रायगढ़, 28 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में जनजातीय समुदाय के लिए संचालित शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।

बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर, आयोग के सचिव पवन कुमार नेताम, जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल,जिला पंचायत सदस्य सुषमा खलखो,जिला पंचायत सदस्य रजनी राठिया, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, , जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, डीएफओ अरविंद पीएम,नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

वन अधिकार, पेसा कानून और धरती आबा अभियान पर जोर
आयोग अध्यक्ष मण्डावी ने वन अधिकार पत्रों, सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों और तेंदूपत्ता संग्राहकों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की सहमति, लागू कानूनी प्रावधानों और प्रभावितों के अधिकारों का ध्यान रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
धरती आबा अभियान के अंतर्गत जिले के 320 गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा बिरहोर और पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं में सुधार के निर्देश – बैठक में जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों के स्कूल आने-जाने के लिए सुरक्षित मार्ग, गांवों में पेयजल की उपलब्धता और सड़कों के उन्नयन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। अध्यक्ष ने बच्चों के टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का व्यवस्थित संधारण करने तथा आश्रम और छात्रावासों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कृषि विभाग को किसानों तक खाद, बीज और फसल बीमा सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा सहकारिता विभाग को जनजातीय परिवारों के लिए कृषि ऋण और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। श्रम विभाग को शिविर लगाकर श्रमिकों का पंजीयन बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।
भूमि संबंधी मामलों के निराकरण और अवैध खनन पर कार्रवाई – राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान भूमि हस्तांतरण, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अवैध कब्जों से संबंधित मामलों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने रेत के अवैध खनन एवं परिवहन पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा लघु उद्योगों के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने जनजातीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, हाथी प्रभावित क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने और आश्रम-छात्रावासों सहित प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया।
बैठक के समापन पर जिला प्रशासन की ओर से आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मण्डावी एवं उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।



