वेदांता प्लांट हादसा: 29 अप्रैल को खुलेगी सच्चाई की फाइल, साक्ष्यों से तय होगी जिम्मेदारी

📍 बिलासपुर, 20 अप्रैल 2026 | सक्ति जिले के डभरा तहसील अंतर्गत ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट में हुए औद्योगिक हादसे की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। संभागायुक्त कार्यालय, बिलासपुर द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को इस मामले में साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।
इस दिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संभागायुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में सुनवाई आयोजित की जाएगी, जहां कोई भी संबंधित व्यक्ति, संस्था या प्रत्यक्षदर्शी घटना से जुड़े तथ्य और सबूत प्रस्तुत कर सकता है।
🔎 हादसे की पृष्ठभूमि — संभागायुक्त कार्यालय के अनुसार यह दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि स्टीम पाइप की वाटर सप्लाई लाइन के जॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते हादसा हुआ, जिसमें 34 श्रमिक प्रभावित हुए।
⚖️ जांच की जिम्मेदारी — घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने संभागायुक्त, बिलासपुर को इस पूरे मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। अब 29 अप्रैल की सुनवाई में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
🗣️ सभी पक्षों से अपील — संभागीय आयुक्त ने सभी संबंधितों से अपील की है कि वे—
अपने पास उपलब्ध तथ्य, दस्तावेज और साक्ष्य निर्धारित तिथि और समय पर प्रस्तुत करें ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्य परक ढंग से पूरी की जा सके।
📌 क्यों अहम है यह सुनवाई?
29 अप्रैल को होने वाली यह सुनवाई इस हादसे की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज होंगे
तकनीकी पहलुओं की जांच आगे बढ़ेगी
जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया तेज होगी
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि साक्ष्यों के आधार पर हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।



