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व्यापमं पर फुलस्टॉप, GAD के हाथ भर्ती की पूरी कमान; साय कैबिनेट ने ठेकेदारों को भी दी बड़ी राहत

रायपुर, 26 मई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में सरकार ने भर्ती व्यवस्था, सड़क निर्माण और सरकारी संपत्तियों के निस्तारण को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी।

बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पत्रकार वार्ता में फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रशासनिक पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास कार्यों की गति को मजबूत करना है।

डामर महंगाई से परेशान ठेकेदारों को राहत – कैबिनेट ने सड़क निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों को बड़ी राहत देते हुए डामर (बिटुमिन) की कीमतों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर आंशिक क्षतिपूर्ति देने का निर्णय लिया है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में डामर की कीमतों में हुई असाधारण बढ़ोतरी के प्रभाव को कम करने के लिए निर्धारित फार्मूले के आधार पर राहत दी जाएगी। हालांकि अन्य निर्माण सामग्रियों पर पूर्व से लागू एस्केलेशन नियम यथावत रहेंगे।

वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेजी आने से सड़क निर्माण परियोजनाओं की लागत बढ़ रही थी, जिससे कई काम प्रभावित होने की आशंका थी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से सड़क निर्माण की रफ्तार बनी रहेगी और जनता को समय पर सड़कों का लाभ मिल सकेगा।

भर्ती व्यवस्था पर बड़ा प्रशासनिक फैसला – कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल” को सीधे सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

“छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद पूर्व के Chhattisgarh Professional Examination Board का नए कर्मचारी चयन मंडल में पूर्ण विलय हो चुका है। अब भर्ती प्रक्रियाओं की प्रशासनिक निगरानी सीधे GAD के हाथ में होगी।

सरकार का दावा है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियंत्रण पहले से अधिक मजबूत होगा।

सरकारी कबाड़ की ई-नीलामी को बढ़ावा – राज्य सरकार ने विभागों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप एवं अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी निस्तारण के लिए भारत सरकार की कंपनी MSTC Limited के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध को आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला लिया है।

यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी था और 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा था।

MSTC के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए अब देशभर के खरीदार ऑनलाइन प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर सामग्री खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, बेहतर मूल्य मिलेगा और विभागों को अलग-अलग टेंडर प्रक्रिया की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

इसके साथ ही कार्यालय परिसरों में जमा कबाड़ हटने से स्वच्छता और स्थान प्रबंधन में भी सुधार आने की उम्मीद जताई गई है।

सरकार का संदेश साफ – साय सरकार के इन फैसलों को प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने, भर्ती व्यवस्था को केंद्रीकृत करने और विकास कार्यों की गति बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं ठेकेदारों को राहत देकर सरकार ने यह संकेत भी दिया है कि अधूरे विकास कार्यों की रफ्तार थमने नहीं दी जाएगी।

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