
छत्तीसगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री हुई बेहद सस्ती: सरकार ने खत्म किए 12 तरह के ‘उपकर’ (Cess)
आम जनता को मिली बड़ी सौगात, रजिस्ट्री शुल्क में आएगी भारी कमी
खबर छत्तीसगढ़
रायपुर | 20 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की जनता को एक बड़ा तोहफा देते हुए जमीन और मकान की रजिस्ट्री पर लगने वाले 12 प्रकार के सेस (Cess) को पूरी तरह खत्म करने का क्रांतिकारी फैसला लिया है। इस निर्णय से अब प्रदेश में संपत्ति का पंजीकरण कराना पहले के मुकाबले काफी सस्ता और सरल हो जाएगा।
📍 मुख्य बिंदु: क्या बदला और क्या होगा फायदा?
12 तरह के सेस खत्म: रजिस्ट्री के समय लगने वाले सभी 12 उपकर अब पूरी तरह समाप्त कर दिए गए हैं।
लागत में कमी: रजिस्ट्री शुल्क में लगभग 12% तक की कमी आने की संभावना है।
बड़ी बचत: खरीदारों को अब केवल निर्धारित स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क ही देना होगा।
रियल एस्टेट में उछाल: इस फैसले से प्रॉपर्टी बाजार में निवेश बढ़ने और मंदी खत्म होने की उम्मीद है।
📊 बचत का गणित: समझिए जेब पर कितना कम होगा बोझ
अब तक रजिस्ट्री फीस के ऊपर कई छोटे-छोटे उपकर जोड़े जाते थे, जो कुल लागत को काफी बढ़ा देते थे। नए नियमों के बाद होने वाली संभावित बचत इस प्रकार है:
पुरानी व्यवस्था रजिस्ट्री फीस पर लगभग 12% अतिरिक्त उपकरों का भार।
नई व्यवस्था सभी 12 उपकर समाप्त, केवल मूल शुल्क देय।
अनुमानित बचत ₹10 लाख की प्रॉपर्टी पर सीधे ₹10,000 से ₹15,000 तक की बचत।
नोट: संपत्ति की कीमत जितनी अधिक होगी, बचत का यह आंकड़ा उतना ही बड़ा (लाखों में) हो सकता है।
💡 क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना और आम आदमी के लिए ‘सस्ता आवास’ सुनिश्चित करना है। रजिस्ट्री सस्ती होने से लोग अपनी संपत्तियों का कानूनी रूप से पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
📢 विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स की जटिलता कम होने से सबसे ज्यादा फायदा मध्यम वर्गीय परिवारों को होगा जो अपना पहला घर खरीदने का सपना देख रहे हैं। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में नई जान आएगी और दस्तावेजों के पंजीकरण में होने वाली अनावश्यक देरी भी कम होगी।


