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रायगढ़ DMF शासी परिषद की बैठक में 104 करोड़ के 392 विकास कार्यों पर मुहर, वनांचल क्षेत्रों की बदलेगी सूरत

रायगढ़ | जिले के खनिज प्रभावित और वनांचल क्षेत्रों के विकास को लेकर सोमवार को जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में 104 करोड़ 7 लाख रुपये की लागत के 392 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने क्षेत्रीय जरूरतों के अनुरूप विकास की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर – बैठक में वनांचल क्षेत्रों के जर्जर स्कूल भवनों, आश्रम-छात्रावासों और आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस पर त्वरित निर्णय लेते हुए कई भवनों की मरम्मत और नए निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई। परिषद ने शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

इन क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस – राज्य शासन की गाइडलाइन के अनुसार खनन प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

प्रमुख विकासखंड- लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार एवं छाल।

प्राथमिकता वाले कार्य- शुद्ध पेयजल, कौशल विकास, स्वच्छता, कृषि, ऊर्जा एवं अधोसंरचना विकास।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना – बैठक में हाथी-मानव द्वंद्व की बढ़ती घटनाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। हाथी विचरण वाले क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़क निर्माण और सड़क उन्नयन कार्यों को प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया।

बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को मंजूरी – भारत सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय एवं DMF मद के संयुक्त सहयोग से जिले में तीन बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे, जिनसे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

धरमजयगढ़ – एग्री प्रोसेसिंग यूनिट

लैलूंगा – जन औषधि एवं मेडिसिनल यूनिट

घरघोड़ा- फूड प्रोसेसिंग यूनिट

इन परियोजनाओं में 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार तथा 60 प्रतिशत राशि DMF मद से खर्च की जाएगी।

भविष्य के लिए 254 करोड़ का विजन प्लान – बैठक में आगामी पांच वर्षों के लिए 254 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले 1246 कार्यों की दीर्घकालिक कार्ययोजना (Perspective Plan) पर भी मंथन किया गया। परिषद ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध विकास रणनीति तैयार करने पर जोर दिया।

गुणवत्ता पर कलेक्टर की सख्त चेतावनी – कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित सभी निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली राशि सीधे आम जनता की सुविधाओं के लिए है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

बैठक में रहे मौजूद – बैठक में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, धरमजयगढ़ विधायक लालजीत सिंह राठिया, लैलूंगा विधायक विद्यावती सिदार, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा गबेल सहित कई जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। जिला पंचायत CEO श्री अभिजीत बबन पठारे भी बैठक में उपस्थित रहे।

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