
📍 रायपुर/बिलासपुर
छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया पर उठी एक शिकायत ने प्रशासन को त्वरित एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल (CGHB) ने कार्यों में लापरवाही और फाइल दबाकर रखने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर मुख्यालय नवा रायपुर अटैच कर दिया है।
एक साल तक भटकता रहा हितग्राही
मामला बिलासपुर के तिफरा स्थित अभिलाषा परिसर का है। यहां के हितग्राही तोरण साहू ने अपने EWS मकान के नामांतरण के लिए मार्च 2025 में आवेदन किया था।
करीब एक साल बीत जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने 17 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
वीडियो सामने आते ही मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
जांच में खुली बड़ी लापरवाही
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि –
नामांतरण से संबंधित पत्र 11 नवंबर 2025 को ही तैयार हो चुका था
पत्र पर हस्ताक्षर भी हो चुके थे
जावक नंबर दर्ज होने के बावजूद उसे हितग्राही तक भेजा नहीं गया
यानी पूरा काम होने के बावजूद फाइल को जानबूझकर दबाकर रखा गया।
दो अधिकारियों पर गिरी गाज —
जांच में दोषी पाए जाने पर —
एल.पी. बंजारे (कार्यपालन अभियंता एवं प्रभारी संपदा अधिकारी)
पूनम बंजारे (वरिष्ठ सहायक एवं प्रभारी सहायक संपदा प्रबंधक)
दोनों को बिलासपुर प्रक्षेत्र से हटाकर तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर की संपदा शाखा में उनके मूल पद पर संलग्न कर दिया गया है।
साफ संदेश: अब नहीं चलेगी लापरवाही
इस कार्रवाई से विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी और फाइलों को लटकाने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिजिटल दौर में सोशल मीडिया न केवल आवाज उठाने का मंच बन चुका है, बल्कि जवाबदेही तय कराने का प्रभावी माध्यम भी साबित हो रहा है।



