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बजट कार्यों में देरी पर सख्त हुए PWD सचिव: बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक, छुट्टी में भी अलर्ट रहेंगे अधिकारी

नवा रायपुर/बिलासपुर | 11 मई 2026 – लोक निर्माण विभाग (PWD) में अब कामकाज की रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने सोमवार को निर्माण भवन, नवा रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही, देरी और ढिलाई किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन भेजने या निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी हुई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में वर्ष 2025-26 और 2026-27 के बजट कार्यों, निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और सरकारी भवनों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सचिव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता वाले विकास कार्य तय समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे होने चाहिए।

छुट्टी के दिन भी रहना होगा अलर्ट – समीक्षा बैठक में मैदानी अमले के लिए सबसे सख्त निर्देश जारी किए गए। सचिव ने सभी कार्यपालन अभियंताओं (EE), अनुविभागीय अधिकारियों (SDO) और उप अभियंताओं को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि छुट्टी के दिनों में भी अधिकारी सतर्क रहें, क्योंकि वरिष्ठ स्तर से किसी भी समय निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।

सरकारी भवनों के निर्माण मॉडल में बड़ा बदलाव – बैठक में सरकारी भवनों की निर्माण नीति को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बढ़ती आबादी और भूमि की सीमित उपलब्धता को देखते हुए अब स्कूल, अस्पताल, कॉलेज और अन्य शासकीय भवनों के निर्माण में ‘वर्टिकल डेवलपमेंट’ मॉडल अपनाने पर जोर दिया जाएगा। सचिव ने अधिकारियों को आधुनिक डिजाइन, नई तकनीक और बेहतर सुविधाओं वाले भवन तैयार करने के निर्देश दिए।

फाइलों से बाहर निकलकर जमीन पर हल खोजने के निर्देश – PWD सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी स्तर पर जाकर निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं का समाधान करें। उन्होंने विशेष रूप से भू-अर्जन, वन विभाग की अनुमति और बिजली पोल शिफ्टिंग जैसी समस्याओं को समय-सीमा में दूर करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा लोक सेवा गारंटी और न्यायालयीन मामलों की हर 15 दिन में समीक्षा करने को कहा गया, ताकि लंबित मामलों का त्वरित निराकरण हो सके।

“काम में गुणवत्ता और गति दोनों जरूरी हैं। अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं और नई तकनीकों को अपनाएं। लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” — श्री मुकेश कुमार बंसल, सचिव, लोक निर्माण विभाग

बैठक में प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित प्रदेशभर के मुख्य अभियंता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विभाग के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में सड़क, पुल और सरकारी भवन निर्माण कार्यों की निगरानी और जवाबदेही दोनों बढ़ने वाली हैं।

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