
📍 रायगढ़ | 14 अप्रैल 2026 — देश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा तय करने वाली जनगणना 2027 की प्रक्रिया का आगाज़ हो चुका है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में भी जनगणना के प्रथम चरण ‘मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना’ की शुरुआत 16 अप्रैल से होने जा रही है।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता एवं उद्योग समिति के सभापति ने जिले के नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि “हमारी जनगणना, हमारा विकास” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास की दिशा तय करने का आधार है।
दो चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया —
1. स्व-गणना (Self Enumeration) —
16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर प्राप्त यूनिक आईडी को सुरक्षित रखना आवश्यक होगा।
2. प्रगणकों द्वारा सर्वे–
1 मई से 30 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। जिन्होंने पहले से स्व-गणना कर ली है, वे अपनी यूनिक आईडी साझा करेंगे, जबकि अन्य नागरिकों का विवरण मौके पर ही दर्ज किया जाएगा।
गोपनीयता और सुरक्षा की गारंटी–
जनप्रतिनिधियों द्वारा यह स्पष्ट किया जा रहा है जनगणना अधिनियम 1948 के तहत नागरिकों की दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहती है। इस डेटा का उपयोग किसी भी प्रकार की टैक्स जांच, पुलिस कार्रवाई या कानूनी विवाद में नहीं किया जा सकता। साथ ही, यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से भी बाहर रखी गई है।
सटीक जानकारी से होगा विकास–
सभापति ने बताया कि मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और अन्य मूलभूत आंकड़ों के आधार पर ही पंचायतों और वार्डों के विकास का बजट तय किया जाता है। रायगढ़ जैसे औद्योगिक एवं कृषि प्रधान जिले के लिए यह डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच संसाधनों का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।

अपील–
जिला पंचायत सदस्य ने जिलेवासियों से आग्रह किया है कि वे जनगणना प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें और प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं।
आपकी सहभागिता ही एक सशक्त और समृद्ध रायगढ़ की नींव रखेगी।



