सावधान मिलावटखोर! रायगढ़ में 27 अप्रैल से ‘शुद्धता’ का हंटर, दो स्पेशल टीमें तैयार

रायगढ़ | 26 अप्रैल 2026 — आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर अब कड़ा शिकंजा कसने की तैयारी है। रायगढ़ जिला प्रशासन 27 अप्रैल से 11 मई तक 15 दिवसीय सघन जांच अभियान शुरू करने जा रहा है। “सही दवा, शुद्ध आहार—यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर चलने वाले इस अभियान में मिलावटखोरों और नकली दवा कारोबारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
सीईओ की सख्ती – लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी एसडीएम की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो स्पेशल सेल संभालेंगे मोर्चाअभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने दो विशेष प्रकोष्ठ गठित किए हैं
फूड सेल– होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, किराना दुकान और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स पर औचक निरीक्षण करेगा। मानकों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी।
ड्रग सेल — मेडिकल स्टोर्स और थोक दवा विक्रेताओं की जांच करेगा। नकली, एक्सपायरी और बिना लाइसेंस की दवाओं पर खास फोकस रहेगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त अभियान की निगरानी के लिए अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो को मुख्य नोडल अधिकारी और संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।
सैंपलिंग और सख्त कार्रवाई –
जांच के दौरान संदिग्ध खाद्य पदार्थों और दवाओं के नमूने मौके पर ही सील कर लैब भेजे जाएंगे। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जन-जागरूकता भी साथ-साथ
प्रशासन इस अभियान को सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रखेगा। आम नागरिकों को स्वच्छता, संतुलित आहार और सुरक्षित दवा उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।



