रात 8 बजे जेसीबी से खोदी सरकारी सड़क! रायगढ़ में कंपनी पर तालाब-धरसा घेरने का आरोप

रायगढ़। औद्योगिक जिला रायगढ़ के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिरईपानी में स्थित ओम श्री रूपेश (प्रा.) लिमिटेड और उसके प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने कथित तौर पर शासकीय मुख्य मार्ग को जेसीबी से खोदकर बाधित कर दिया है तथा 50 वर्ष पुराने कोलीमाली सरकारी तालाब और निस्तारी धरसा मार्ग पर भी बाउंड्रीवाल कर दी है।

ग्रामीणों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम से गाँव का जनजीवन प्रभावित हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर ग्राम पंचायत लाखा के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पुलिस थाना, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग में दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।-
1- थाने में दी गई 2 शिकायतें, सड़क पर 4 फीट गहरी खाई का आरोप – सड़क खोदने के मामले में ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पूंजीपथरा को दो अलग-अलग शिकायत पत्र सौंपे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा चिरईपानी से गेरवानी को जोड़ने वाले मुख्य शासकीय मार्ग पर लगभग 100 फीट लंबी, 30 फीट चौड़ी और 4 फीट गहरी खाई खोद दी गई है।

ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर इतने गहरे गड्ढे के कारण एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं का गाँव तक पहुँचना प्रभावित हो गया है। वहीं स्कूली बच्चों, किसानों और राहगीरों का आवागमन भी बाधित हो रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंपनी के पास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं होने के कारण भारी वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा कृत्य शासकीय भूमि पर कथित कब्जे की नीयत से किया गया है।
2- तहसीलदार के निर्देश पर बना पंचनामा, रात 8 बजे हुई खुदाई का उल्लेख – मामले की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार रायगढ़ के मौखिक निर्देश पर 24 मई 2026 को राजस्व विभाग की टीम ग्राम चिरईपानी पहुँची और मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया।
पंचनामे में गवाहों की उपस्थिति में उल्लेख किया गया है कि 23 मई 2026 की रात लगभग 8 बजे कंपनी के मालिक शंकर लाल अग्रवाल (पिता कुंदन लाल अग्रवाल, निवासी रायगढ़) द्वारा कथित रूप से 0.057 हेक्टेयर शासकीय सड़क पर खुदाई कर मार्ग बाधित किया गया है, जिससे अप्रिय घटना की संभावना उत्पन्न हो गई है।

राजस्व अमले द्वारा तैयार किए गए पंचनामे को ग्रामीण अपनी शिकायत का महत्वपूर्ण दस्तावेज बता रहे हैं।
3- कोलीमाली सरकारी तालाब और धरसा मार्ग पर बाउंड्रीवाल का आरोप – ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर रायगढ़ को सौंपे गए एक अन्य शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम चिरईपानी से ‘कोलीमाली सरकारी तालाब’ तक जाने वाले पुश्तैनी धरसा मार्ग का उपयोग ग्रामीण पिछले 50 वर्षों से कृषि कार्य, सिंचाई और मवेशियों की निस्तारी के लिए करते आ रहे हैं।

शिकायत के अनुसार कंपनी द्वारा कथित रूप से इस धरसा मार्ग पर बाउंड्रीवाल कर दी गई है और अब कोलीमाली तालाब क्षेत्र की भी घेराबंदी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे किसानों और मवेशियों का तालाब तक पहुँचना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब और निस्तारी मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कर आमजन के लिए तत्काल बहाल किया जाए।
4- जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, FIR की मांग – मामले में ग्राम पंचायत लाखा के सरपंच श्री इन्द्र कुमार पंडा, उपसरपंच केदारनाथ डनसेना, बीडीसी श्रीमती फूलमती धनवार, पंचगण भगवानों,जुगती एक्का एवं शुभम डनसेना सहित पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता एवं पंचनामे के गवाहों में डमरूधर पंडा, जागेश्वर राजपूत, नटराज डनसेना, मनोज डनसेना, दीपक साहू, उदयचन्द्र साहू, प्रकाश शर्मा, सत्य प्रकाश, विपिन डनसेना, रंगलाल डनसेना, दशरथ पंडा, घनश्याम, प्रवीण यादव, शिवप्रसाद यादव एवं चन्द्रशेखर राजपूत सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शासकीय सड़क को नुकसान पहुँचाने, बिना अनुमति मार्ग बाधित करने तथा कथित अवैध कब्जे के मामले में कंपनी प्रबंधन और प्लांट मालिक शंकर लाल अग्रवाल के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क, धरसा मार्ग और तालाब क्षेत्र से सभी अवैध निर्माण एवं बाउंड्रीवाल हटाकर आम जनता और किसानों के लिए रास्ते बहाल किए जाएँ।



