पार्किंग के बहाने डंपिंग का खेल, पंचायत ने अग्रोहा प्लांट पर कसा शिकंजा

रायगढ़। जिले के चिराईपानी क्षेत्र स्थित अग्रोहा स्टील एंड पावर प्रा. लि. के खिलाफ ग्राम पंचायत लाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी को दी गई भूमि उपयोग अनुमति निरस्त करने का नोटिस जारी किया है। पंचायत ने आरोप लगाया है कि वाहन पार्किंग के लिए दी गई जमीन का उपयोग फ्लाई ऐश डंपिंग, पेड़ों की कटाई और घेराबंदी के लिए किया गया, जो ग्राम पंचायत की शर्तों का उल्लंघन है।

ग्राम पंचायत लाखा द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, खसरा नंबर 01 रकबा 5.318 हेक्टेयर में से लगभग 3 एकड़ भूमि कंपनी को वाहन पार्किंग हेतु उपयोग के लिए दी गई थी। पंचायत का आरोप है कि कंपनी ने उक्त भूमि पर औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ (फ्लाई ऐश) डंप कर दिया और वहां लगे पेड़ों को बिना अनुमति काटते हुए जाली तार से घेराबंदी कर कब्जे का प्रयास किया।

नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि चिराईपानी और लाखा के ग्रामीणों ने मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद 18 अप्रैल 2026 को आयोजित ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव निरस्त करने का निर्णय लिया गया।
नोटिस लेने से प्रबंधन का इनकार – पंचायत सूत्रों के मुताबिक, जब पंचायत प्रतिनिधि नोटिस लेकर प्लांट पहुंचे तो कंपनी प्रबंधन ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पंचायत ने नोटिस को पंजीकृत डाक (रजिस्ट्री) के माध्यम से भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।

पंचायत ने दिए स्पष्ट निर्देश – ग्राम पंचायत द्वारा जारी नोटिस में कंपनी को निर्देश दिए गए हैं कि—
भूमि पर डंप किए गए फ्लाई ऐश को तत्काल हटाया जाए।
काटे गए पेड़ों की भरपाई की जाए।
जाली तार और घेराबंदी हटाकर भूमि को पूर्व स्थिति में लाया जाए।
पंचायत कार्यालय में लिखित रूप से जानकारी प्रस्तुत की जाए।
“ग्राम सभा सर्वोपरि”, पंचायत ने दिखाई सख्ती – ग्राम सभा के फैसले को ग्रामीणों ने पंचायत की बड़ी कार्रवाई बताया है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि किसी भी उद्योग को गांव की जमीन और पर्यावरण से खिलवाड़ की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा के निर्णय और पंचायत की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी – पंचायत ने नोटिस में साफ कहा है कि यदि निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो ग्राम पंचायत नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी।
हालांकि, इस मामले में कंपनी प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
ब्यूरो रिपोर्ट — खबर छत्तीसगढ़



