रायगढ़

सड़क हादसे के बाद अब नहीं होगी पैसों की चिंता! रायगढ़ के प्राइवेट अस्पतालों में भी घायलों का होगा ‘कैशलेस’ उपचार

रायगढ़ | सड़क दुर्घटना के बाद अक्सर घायल के परिजन इलाज के भारी-भरकम खर्च को लेकर परेशान हो जाते हैं, लेकिन अब रायगढ़ जिले में ऐसा नहीं होगा। भारत सरकार की पीएम-राहत (प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट विक्टिम हॉस्पिटलाइजेशन एंड एश्योर्ड ट्रीटमेंट) योजना के तहत अब सड़क हादसों में घायल लोगों को 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलेगा।

कलेक्टर के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 57 सरकारी और 20 निजी अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा है, जहां यह सुविधा तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी गई है।

7 दिनों तक सरकार उठाएगी इलाज का खर्च – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल कुमार जगत के अनुसार, दुर्घटना के बाद शुरुआती 7 दिनों तक मरीज को इलाज के लिए अपनी जेब से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।

योजना की प्रमुख बातें –

कैशलेस सुविधा- भर्ती होते ही बिना एडवांस जमा किए इलाज शुरू होगा।

इलाज सीमा- प्रति मरीज अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करेगी।

गोल्डन ऑवर पर फोकस- दुर्घटना के तुरंत बाद त्वरित उपचार सुनिश्चित कर मृत्यु दर कम करना योजना का मुख्य उद्देश्य है।

रायगढ़ के निजी अस्पताल भी शामिल – प्रशासन ने जिले के कई प्रमुख निजी अस्पतालों को भी योजना के तहत पंजीकृत किया है। अब सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को निजी अस्पताल ले जाने पर इलाज में देरी की आशंका कम होगी।

स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अस्पतालों और स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं प्रशिक्षण भी प्रदान कर दिया है, ताकि मरीजों को तत्काल राहत मिल सके।

नागरिकों से अपील – जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि सड़क पर घायल व्यक्ति दिखने पर घबराएं नहीं, बल्कि उसे तुरंत नजदीकी पंजीकृत अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। समय पर मिला उपचार किसी की जान बचा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट | खबर छत्तीसगढ़

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