समय रहते उठाए गए सुरक्षा कदम, सुनील इस्पात की जर्जर दीवार हटाने की तैयारी पूरी

रायगढ़। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सुनील इस्पात एंड पावर लिमिटेड की जर्जर बाउंड्री वॉल को लेकर उठी सुरक्षा चिंताओं के बाद उद्योग प्रबंधन ने एहतियातन आवश्यक कदम उठाए हैं। संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए खतरे वाले हिस्से को रातों-रात डेंजर जोन घोषित कर सुरक्षा घेरा बनाया गया है। साथ ही प्रबंधन ने क्षतिग्रस्त दीवार को हटाने की तैयारी पूरी कर ली है।
जानकारी के अनुसार, उद्योग परिसर के पीछे स्थित लगभग 20 से 25 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। कई स्थानों पर कंक्रीट के पिलर क्षतिग्रस्त होकर झुक गए थे तथा सरिया बाहर दिखाई दे रहा था। यह दीवार एक व्यस्त तिराहे के समीप स्थित है, जहां दिन-रात लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। समीप ही महालक्ष्मी कास्टिंग कंपनी का मुख्य प्रवेश द्वार भी होने से संभावित खतरा और बढ़ गया था।

मामले की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत की सहकारिता तथा उद्योग समिति के सभापति गोपाल अग्रवाल ने उद्योग प्रबंधन से तत्काल संपर्क कर सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद उद्योग प्रबंधन ने देर रात ही प्रभावित क्षेत्र में डेंजर टेप लगाकर बैरिकेडिंग की, चेतावनी बोर्ड लगाए तथा सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए।
‘खबर छत्तीसगढ़’ के पास उपलब्ध वीडियो में भी उद्योग प्रबंधन द्वारा रात में किए गए सुरक्षा इंतजाम स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। प्रबंधन ने जानकारी दी है कि क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को सुरक्षित तरीके से हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके बाद वहां नई और मजबूत दीवार का निर्माण कराया जाएगा।

हाल के दिनों में जिले में बाउंड्री वॉल से जुड़े हादसे सामने आने के बाद इस मामले को गंभीरता से देखा जा रहा था। समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने से संभावित दुर्घटना की आशंका काफी हद तक कम हुई है। स्थानीय लोगों ने भी त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताते हुए कहा कि औद्योगिक इकाइयों में ऐसी जर्जर संरचनाओं का नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।



