
नवा रायपुर | 7 मई 2026 –
छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। उप-मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोष दायित्व अवधि (DLP) के भीतर यदि कोई सड़क खराब या उखड़ी हुई पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में श्री साव ने विभागीय कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अब विभाग में पुरानी और सुस्त कार्यसंस्कृति नहीं चलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्य अभियंता कार्यालय “कॉर्पोरेट कार्यशैली” की तरह तेजी, दक्षता और जवाबदेही के साथ काम करें।
फील्ड में उतरेंगे अफसर
बैठक में सभी मुख्य अभियंताओं को हर सप्ताह फील्ड पर जाकर प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। श्री साव ने कहा कि केवल दफ्तरों में बैठकर समीक्षा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
ठेकेदारों पर भी सख्ती
उप-मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि DLP अवधि वाली सड़कों की तत्काल जांच कराई जाए और जहां भी सड़कें खराब मिलें, वहां ठेकेदारों से तुरंत मरम्मत कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि काम में लापरवाही या देरी होने पर अफसरों की जवाबदेही भी तय होगी।
सड़क सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट पर जोर
बैठक में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को प्राथमिकता से सुधारने, निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा सड़क चौड़ीकरण और नई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी
श्री साव ने लंबे समय से लंबित परियोजनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधूरे प्रोजेक्ट जनता की परेशानी बढ़ाने के साथ विभाग की छवि भी खराब करते हैं। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हिदायत दी।


बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव सहित सभी परिक्षेत्रों, सेतु संभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।



