
📍 रायपुर | 16 अप्रैल, 2026
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दुधारू पशु प्रदाय योजना’ को नए स्वरूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना को अब अधिक समावेशी और व्यावहारिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
🌱 समावेशी विकास की ओर कदम — योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सभी सामाजिक वर्गों को इसमें शामिल किया गया है। इससे अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को पशुपालन के माध्यम से आय बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
⚙️ बेहतर क्रियान्वयन पर फोकस — योजना के प्रभावी संचालन के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के साथ साझेदारी को और मजबूत किया गया है। इससे तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और प्रबंधन में सुधार की उम्मीद है।
🐄 रोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार — दुधारू पशु वितरण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि परिवारों की नियमित आय का स्रोत भी बनेगी।
🔄 अनुभव से सुधार की दिशा — पूर्व में भी इस तरह की पहल की गई थी। इस बार सरकार ने पुराने अनुभवों से सीख लेकर योजना को अधिक व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने का प्रयास किया है, ताकि इसका लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।
🎯 संतुलित नजरिया — यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर सहयोग से यह पहल ‘श्वेत क्रांति’ की नई कहानी लिख सकती है।
🗣️ सरकार का दृष्टिकोण“हमारा लक्ष्य प्रदेश के हर वर्ग का विकास है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी और पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक बनेगी।
फोटो नेट से



