
रायगढ़, 22 जून। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपने पक्के घर का सपना संजोए हजारों परिवारों के लिए 24 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में बुधवार, 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जिला पंचायत रायगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में 1 लाख 31 हजार 711 संभावित पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। विशेष ग्राम सभा में सिस्टम से जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा तथा प्राप्त दावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस सूची में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। ग्राम सभा केवल पात्रता की समीक्षा करेगी और अपात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इसके बाद शेष पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार कर ग्राम सभा से अनुमोदित कर आवास सॉफ्ट (AwaasSoft) पर अपलोड किया जाएगा।
पात्रता के लिए तय हैं स्पष्ट मानदंड – योजना के तहत ऐसे परिवार अपात्र माने जाएंगे जिनके पास पहले से पक्का मकान, मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर अथवा अन्य कृषि यंत्र, 50 हजार रुपये से अधिक सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी नौकरी, 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय है। आयकरदाता तथा पूर्व में आवास योजना का लाभ ले चुके परिवार भी योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।
वहीं बेघर परिवार, महिला मुखिया वाले परिवार, दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), विधवा अथवा निराश्रित आश्रित परिवार तथा गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

विकास और सुशासन से जुड़े कई मुद्दों पर होगी चर्चा – विशेष ग्राम सभा में आवास योजना के अलावा ग्रामीण विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी। इनमें विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), सड़क सुरक्षा, आवारा पशुओं की समस्या, समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से कर निर्धारण एवं वसूली, टीबी मुक्त भारत अभियान, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, अविवादित नामांतरण-बंटवारा तथा ग्राम संपदा ऐप में पंचायत संपत्तियों के डिजिटल पंजीयन जैसे विषय शामिल हैं।
सड़कों पर आवारा मवेशियों के कारण बढ़ रही दुर्घटनाओं को देखते हुए पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत खुले में पशु छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने के प्रावधानों की भी जानकारी दी जाएगी।
AI तकनीक से तैयार होगा कार्यवाही विवरण
इस बार ग्राम सभाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया गया है। ग्राम सभा में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर GS NIRNAY मोबाइल ऐप पर अपलोड की जाएगी।
इसके साथ ही पंचायती राज मंत्रालय के सभासार पोर्टल के माध्यम से ग्राम सभा की कार्यवाही का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विवरण तैयार किया जाएगा। इन सभी गतिविधियों को वाईब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल और जीपीडीपी प्लेटफॉर्म पर भी अपलोड करना अनिवार्य होगा।
ग्रामीणों से अधिकाधिक भागीदारी की अपील – जिला प्रशासन और पंचायत विभाग ने सभी ग्रामीणों से विशेष ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि “आपका गांव, आपकी योजना, आपकी भागीदारी, हमारा विकास” की भावना के अनुरूप ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।



