
📍 रायपुर/रायगढ़ — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के खनिज संसाधनों के प्रबंधन को लेकर अहम निर्णय लिए गए। सरकार ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन को मंजूरी देते हुए अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा कसने और राजस्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
रेत खदानों पर सरकारी नियंत्रण — कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम, 2025 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य सरकार के उपक्रम छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (CMDC) के लिए रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी। इससे बाजार में रेत की उपलब्धता बेहतर होगी और निजी एकाधिकार पर रोक लगेगी।
अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई — नए प्रावधानों के अनुसार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है
न्यूनतम ₹25,000 से अधिकतम ₹5,00,000 तक जुर्माना
अवैध परिवहन में पकड़े गए वाहनों की जब्ती और भारी जमानत राशि
रॉयल्टी चुकता प्रमाण पत्र को अनिवार्य और एक समान किया जाएगा
बंद खदानों पर कार्रवाई — लंबे समय से बिना कारण बंद खदानों को ‘लैप्स’ घोषित करने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही 30 वर्षों के बाद डेड रेंट की दरों में वृद्धि की जाएगी, जिससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
पर्यावरण और निवेश पर फोकस — कैबिनेट ने स्पष्ट किया कि खनन गतिविधियां पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप ही संचालित होंगी। साथ ही PPP मॉडल के जरिए निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे आधारभूत संरचना और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सरकार का बयान
“इन संशोधनों से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा। हमारा लक्ष्य राज्य के संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाना है।”— मुख्यमंत्री कार्यालय
यह निर्णय राज्य में खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, अवैध गतिविधियों पर रोक और राजस्व वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फोटो सांकेतिक



